देख वो गोरा जा रहा है उसे बुला के देख
या तो गुर्रायेगा या कुत्ते जैसा भौंक देगा
हमारे यहाँ गाड़ी में बैठा कोई किसी से रास्ता भी पूछता है वह चल कर पास आ जाता है और पूरी तरह समझता है
इतनी उम्र गुजार दी वहां का चप्पा चप्पा पहचानता है। यहाँ हर व्यक्ति हर चीज अनजान सी लगती है। कुछ भी तो अपना नहीं लगता। कहीं जाओ तो इनके अनुसार बैठो तो इनके अनुसार। हर चीज में खर्च कितना।
अब यही रह गया था पोर्क और बीफ खाना