Friday, 26 June 2015

Samachar


आपने न्यूज देखा !

घंटी बजी, मनोहर लाल ने दरवाजा खोला। 'आईये ठाकुर साहब, और क्या हाल है। '
'अरे मनोहर जी, आपने न्यूज़ देखा ! पता लगा है दंगा हो गया।  ऑस्ट्रेलिया में भारतियों को पीट रहे हैं। सब ठीक तो है न, शम्भू का फ़ोन आया कि नहीं, भई! हमें तो बड़ी चिंता हो रही थी , टी वी पर जैसे ही समाचार देखा, सीधे चला आया। ' कहते, ठाकुर साहब सोफे पर बैठ गए।
'बैठिए ठाकुर साहब ! यह सब होता ही रहता है। चलिए चाय पीते हैं।'
'अरे, कमाल है, आप का बेटा वहां रहता है और आप को चिंता ही नहीं। भई, हमने जबसे समाचार सुना बड़ी चिंता हो रही थी, सोचा चलें मनोहर लाल जी से ही पूरा समाचार ले लें। '
'अरे, बच्चों की चिंता क्यों नहीं होगी, अभी थोड़ी देर पहले ही शम्भू का फ़ोन आया था,  उसने बताया मेलबोर्न में कोई आपसी झगड़ा हुआ था। शम्भू दूसरे शहर में रहता है। वह ठीक ठाक है। '
मनोहर लाल ने टी वी खोला तो वही समाचार आ रहा था । ठाकुर साहब का जोश  और बढ़ गया, 'देखो वही आ रहा है, मैं कह रहा था न। ' 
मनोहर लाल ने फिर से शम्भू को  फ़ोन मिलाया, ' बेटा, सब ठीक है न। '
'हां, क्या हुआ ?' शम्भू ने पूछा।
'ठाकुर अंकल आये थे, बता रहे थे वहां कोई झगड़ा वगैरह हुआ है। '
'नहीं पापा, यहाँ  कोई ऐसी बात नहीं। मेलबोर्न  में कुछ लोगों में झगड़ा हो गया था, अब सब शांत है।  यहाँ इतना ये सब नहीं होता। ' शम्भू ने बताया।
ऑस्ट्रेलिया का जब  भी कोई समाचार आता तो कभी ठाकुर साहब, तो कभी जोशी जी, शर्मा जी तो कभी दूसरे मोहल्ले के भी लोग आ जाते। मनोहर लाल से विस्तृत जानकारी मांगते जैसे की समाचार एजेंसी इन्हीँ के घर से कार्य कर रही हो। मनोहर लाल जी अनायास ही परेशान होते और इतने लोगों को चाय पिलानी पड़ती तो इनकी पत्नी अलग से परेशान होतीं। पता नहीं, पड़ोसियों को उनकी वास्तविक चिंता ही इनके घर ले आती या उनकी ईर्ष्या और मजे लेने की प्रवृत्ति, खींच कर लाती। 
परेशान होकर, मनोहर लाल ने उन्हें चुप करने का तरीका ढूंढ लिया। उनके घर समाचार पत्र तो आता ही था, वे अपराधिक समाचारों को चिन्हित करके रखते।  आगंतुक जैसे ही ऑस्ट्रेलिया की बात शुरू करता, वे  अख़बार का पन्ना दिखाने लगते।  ये देखिये - दिल्ली में बलात्कार, मुजफ्फर नगर में अपहरण, मुंबई में हत्या, बंगलुरु में  ठगी, इटावा में एटीएम उठा ले गए, चलती महिला का चेन छीना, अलीगढ में लाठी चार्ज, बिहार में चलती ट्रेन से फेंका, नन्हीं बच्ची से कुकर्म, बंगाल में जहरीली शराब से सैकड़ों बीमार, उड़ीसा में भूमि के झगड़े में कई घायल, भीड़ ने पीट कर मार डाला, एक साथ सात घर के ताले टूटे, नदी में डूबा, मोबाइल पर गाना सुनते रेल से कटा, बस पलटने से पंद्रह मरे, संपत्ति विवाद में भाई ने भाई को मारा, विवाह में गोली चली, नवजात को कूड़े में फेंका, असफल प्रेमी ने तेजाब फेंका,  वाहन  ने कइयों को कुचला, वृद्ध को लूट लिया, रिश्वत लेते पकड़ा, नेता जी ने सार्वजनिक जमीन पर कब्जा जमाया आदि आदि। 
अब तो पडोसी शर्माने लगे, और उन्हें यह बात समझ आ गयी कि इन सब का हल मनोहर लाल के घर में नहीं है और न ही ऑस्ट्रेलिया में। 

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