कौवा कान ले गया
चिंटू हाजिरजबाब तो था ही, किसी बात की तुरंत प्रतिक्रिया देता। कई बार गलत हो जाता तो दादी का एक ही तकिया कलाम था, 'कोई कहे कौवा कान ले गया तो कौवे के पीछे दौड़ लेगा, कान नहीं देखेगा।'
एक दिन दादी जैसे ही वाशबेसिन देखीं, चौंककर बोलीं, 'अरे इसमें ये क्रैक कैसे आ गया? कल तक तो ठीक था।
चिंटू की मम्मी सुनकर बोलीं 'जरूर चिंटू ने उसपर कुछ गिराया होगा। चिंटू! चिंटू! कहाँ है ? क्या गिराया तूने वाश बेसिन पर ?' कहते, कमरे में गयी और गाल पर एक हल्का सा जड़ दिया।
'मैंने कुछ नहीं गिराया' कहते, चिंटू रोने लगा।
इतने में दादी भी आ गयीं, 'अरे क्या हुआ? क्यों मार दिया बच्चे को?'
चिंटू रोते हुए बोला 'कौवा कान ले गया। '
दरअसल वाशबेसिन में चिंटू की मम्मी का बाल गिर गया था जिसे दादी ने क्रैक समझ लिया।
एस० डी० तिवारी
चिंटू हाजिरजबाब तो था ही, किसी बात की तुरंत प्रतिक्रिया देता। कई बार गलत हो जाता तो दादी का एक ही तकिया कलाम था, 'कोई कहे कौवा कान ले गया तो कौवे के पीछे दौड़ लेगा, कान नहीं देखेगा।'
एक दिन दादी जैसे ही वाशबेसिन देखीं, चौंककर बोलीं, 'अरे इसमें ये क्रैक कैसे आ गया? कल तक तो ठीक था।
चिंटू की मम्मी सुनकर बोलीं 'जरूर चिंटू ने उसपर कुछ गिराया होगा। चिंटू! चिंटू! कहाँ है ? क्या गिराया तूने वाश बेसिन पर ?' कहते, कमरे में गयी और गाल पर एक हल्का सा जड़ दिया।
'मैंने कुछ नहीं गिराया' कहते, चिंटू रोने लगा।
इतने में दादी भी आ गयीं, 'अरे क्या हुआ? क्यों मार दिया बच्चे को?'
चिंटू रोते हुए बोला 'कौवा कान ले गया। '
दरअसल वाशबेसिन में चिंटू की मम्मी का बाल गिर गया था जिसे दादी ने क्रैक समझ लिया।
एस० डी० तिवारी
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