छटका बीज
बलराज की सरकारी नौकरी है एक ही बेटा है आनंद .सोचा भाई के बेटे प्रतीक का नाम अपने पुत्र में लिखवा दे ताकि सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता रहे . पढ़ाई, चिकित्सा सुविधा, यात्रा व्यय में छूट, आदि प्रधान से प्रमाण पत्र बनवाया
सुमित्रा क विवाह हो गया वह चली गयी ठीक नौ महीने बाद सुन्दर सा पुत्र प्राप्त हुआ .
अभी वह व्यस्क भी नहीं हो पाया था की एक सड़क दुर्घटना में पिता की मृत्यु हो गयी
अब सुमित्रा अधिक पढ़ी नहीं थी न ही कोई रोजगार था बीमा से कुछ पैसा मिला वह भरण पोषण के लिए अपर्याप्त था
उसकी एक सहेली वकील थी
ठाकु साहब के कोई औलाद नहीं थी वंश चलने की चिंता एक लडके को पाल लिया बड़ा होकर नेता
गांव से लड़की गर्भवती
पाल पॉश के बड़ा किया अब सुशांत बहुत बड़ा आदमी बन गया था
बालचंद और निशा को बहुत सम्मान देता था
पास पड़ोस यही कहता कि क्या सागा बेटा इतना करता
बुढ़ापे में सेवा के लिए नौकर लगवा दिया था
अब पास पड़ोस में यही कहने लगा मैं तो अमेरिका से लौटूंगा नहीं अब इन्हें वहीँ ले जाऊंगा। बार बार आना सम्भव नहीं हो पाता इतनी जल्दी जल्दी छुट्टी कहाँ मिल पाती है
हीरा ने सलाह दे दिया वृद्धा आश्रम में रख दो घर पर अकेले बोर होते हैं
वृद्धा आश्रम में डालूंगा तो लोग क्या कहेंगे अंकल
नहीं मैं साथ ले जाऊंगा
कई वर्ष बीत चुके थे, हीरा को मुंबई जाना हुआ
उसकी नजर एक व्यक्ति पर पड़ी अरे ये तो बालचंद लग रहा है।
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