कलकत्ता की एक कंपनी गंगा सागर, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम के दर्शन कराने के लिए जहाज ले जा रही है।
तीर्थयात्रियों का जत्था जात है। गंगासागर होइके जगन्नाथ पुरी जाई ।
बिमला, सुदर्शन से बोली; अउर गांव क बहुत लोग जात हैं। अब समय आ गईल, थोड़ा तीर्थ व्रत कई लें। बार बार एइसन मौका नाहीं लागी। सुखराम की माँ कहत रही बहुते लोग जात हैं। उहो पति पत्नी जात हैं।
सुदर्शन सब ध्यान से सुन रहा था।
यह भी पता किया है कैसे जा रहे हैं और खर्च कितना है।
खर्च क त पता नाही पर पटना से कंपनी का जहाज जाये वाली है। सारा तीरथ करायके एक महीना में लौट आई। आजकल तो खेती क भी एइसन कौनो खास काम नहीं बा। जब तलक खेत बोवे क समय आई लौट आवल जाई।
गंगा जल भर ले
खाने पीने का सामान समाप्त होने को आ गया
दूर उम्मीद की किरण दिखाई दी। इंडोनेशिया
तलब में गंगा जल डाल डेट हैं
गंगा मईया यहां सहारा दिहन
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